विवाह संस्कार

शिव पंचाक्षर स्तोत्र (Shiv Panchakshar Stotram )

॥ श्री शिव पञ्चाक्षरस्तोत्रम् ॥ नागेन्द्रहाराय त्रिलोचनाय, भस्माङ्गरागाय महेश्वराय । नित्याय शुद्धाय दिगम्बराय, तस्मै न काराय नमः शिवाय ॥१॥ मन्दाकिनी सलिलचन्दन चर्चिताय, नन्दीश्वर प्रमथनाथ महेश्वराय । मन्दारपुष्प बहुपुष्प सुपूजिताय, तस्मै म काराय नमः शिवाय ॥२॥ शिवाय गौरीवदनाब्जवृन्द, सूर्याय दक्षाध्वरनाशकाय । श्रीनीलकण्ठाय वृषध्वजाय, तस्मै शि काराय नमः शिवाय ॥३॥ वसिष्ठकुम्भोद्भवगौतमार्य, मुनीन्द्रदेवार्चितशेखराय। चन्द्रार्क वैश्वानरलोचनाय, तस्मै व काराय नमः शिवाय ॥४॥ यक्षस्वरूपाय जटाधराय, पिनाकहस्ताय सनातनाय ।…

Read More

सावन के महीने में भोलेनाथ के इन श्लोको को जरूर सुनें

शिव ध्यान मंत्र । श्री शिव ध्यानम् । Shiva Dhyan Mantra 🌿 श्रावण मास और शिव ध्यान का महत्व: श्रावण (सावन) का महीना भगवान शिव को समर्पित है। यह वर्ष का वह पावन समय होता है जब भक्त शिव का ध्यान, व्रत, और अभिषेक करते हैं। कहते हैं, इस मास में भगवान शिव की आराधना…

Read More

श्रावण मास विशेष बिल्वाष्टकम्

शिव बिल्वाष्टकम् Shiv Bilvashtakam श्रावण मास हिन्दू धर्म में अत्यंत पवित्र और शुभ मास माना जाता है, विशेषतः भगवान शिव की उपासना के लिए। यह मास शिवभक्तों के लिए भक्ति, तप, व्रत और आराधना का अनुपम अवसर लेकर आता है। सोमवार के व्रत, अभिषेक, और विशेष स्तोत्रों का पाठ इस माह को और भी दिव्य…

Read More

लिङ्गाष्टकम् Lingashtakam

लिंगाष्टकम् Lingastkam ब्रह्ममुरारि सुरार्चित लिंगं निर्मलभासित शोभित लिंगम् । जन्मज दुःख विनाशक लिंगं तत्प्रणमामि सदाशिव लिंगम् ॥ 1 ॥ देवमुनि प्रवरार्चित लिंगं कामदहन करुणाकर लिंगम् । रावण दर्प विनाशन लिंगं तत्प्रणमामि सदाशिव लिंगम् ॥ 2 ॥ सर्व सुगंध सुलेपित लिंगं बुद्धि विवर्धन कारण लिंगम् । सिद्ध सुरासुर वंदित लिंगं तत्प्रणमामि सदाशिव लिंगम् ॥ 3 ॥…

Read More

नवग्रहों का हमारे जीवन पर प्रभाव

नवग्रह मंत्र: जप विधि और फायदे कैसे करें ग्रहों को अनुकूल? नवग्रह मंत्र, ग्रहों की शांति एवं ग्रह दोषों को मिटाने का सबसे कारगर उपाय है। वैदिक ज्योतिष शास्त्र में नौ ग्रहों (सूर्य, चंद्र, मंगल, बुध गुरु, शुक्र, शनि, राहु और केतु) का वर्णन है। इनमें राहु और केतु को छाया ग्रह माना गया है।…

Read More

अपरा एकादशी 2025 Apara Ekadashi 2025

अपरा एकादशी (Apara Ekadashi) हिंदू धर्म में अत्यंत पुण्यदायक मानी जाती है। यह ज्येष्ठ मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी को मनाई जाती है। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा की जाती है और व्रत रखा जाता है। “अपरा” का अर्थ है – “जिसका कोई मुकाबला न हो”, अर्थात यह एकादशी अपार पुण्य देने वाली…

Read More

पूजा के समय नित्य बोले जाने श्लोक Daily Mantra

श्री गणेश ध्यान मंत्र गजाननं भूतगणाधिसेवितं कपित्थजम्बूफलचारुभक्षणम्। उमासुतं शोकविनाशकारणं नमामि विघ्नेश्वरपादपङ्कजम्॥ एकदंताय विद्महे, वक्रतुण्डाय धीमहि, तन्नो दंती प्रचोदयात्।। महाकर्णाय विद्महे, वक्रतुण्डाय धीमहि, तन्नो दंती प्रचोदयात्।। गजाननाय विद्महे, वक्रतुण्डाय धीमहि, तन्नो दंती प्रचोदयात्।। ॐ सुमुखश्चैकदन्तश्च कपिलो गजकर्णकः. लम्बोदरश्च विकटो विघ्ननाशो विनायकः॥ धूम्रकेतुर्गणाध्यक्षो भालचन्द्रो गजाननः. द्वादशैतानि नामानि यः पठेच्छृणुयादपि॥ विद्यारम्भे विवाहे च प्रवेशे निर्गमे तथा.संग्रामे संकटे चैव विघ्नस्तस्य न…

Read More
vat savitri katha 2025

Vat Savitri Vrat 2025: वट सावित्री व्रत की संपूर्ण कथा यहां पढ़ें, अखंड सौभाग्यवती भव: का मिलेगा आशीर्वाद

Vat Savitri Vrat 2025: हर सुहागिन महिला अपने सुहाग की रक्षा के लिए ईश्वर से कामना करती है। पति की लंबी आयु की दुआ करने के साथ-साथ वह उसकी तरक्की के लिए कई उपवास भी रखती है। ऐसे में वट सावित्री व्रत का महत्व अधिक बढ़ जाता है। ये उपवास हर सुहागिन महिला के लिए…

Read More

Vat Savitri Vrat 2025 – वट सावित्री व्रत 26 मई को मनेगा या 27 मई को ? जानें सही डेट, पूजन का शुभ मुहूर्त और विधि

वट सावित्री व्रत हिंदू धर्म में एक प्रमुख और प्रसिद्ध व्रत है, जिसे विशेष रूप से विवाहित महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र और खुशहाली के लिए करती हैं। इस बार वट सावित्री व्रत 26 मई को मनाया जाएगा. वट सावित्री व्रत पर सुहागिनें अपने पति की लंबी उम्र की कामना करते हुए व्रत रखती…

Read More

श्री सूर्य अष्टकम ( सूर्याष्टकम् ) अर्थ सहित

रविवार के दिन सूर्यदेव की पूजा का विधान है. पौराणिक मान्यताओं के अनुसार,सूर्यदेव प्रत्यक्ष रूप से दर्शन देने वाले देवता हैं. पौराणिक वेदों में सूर्य का उल्लेख विश्व की आत्मा और ईश्वर के नेत्र के तौर पर किया गया है. सूर्य की पूजा से जीवनशक्ति, मानसिक शांति, ऊर्जा और जीवन में सफलता की प्राप्ति होती…

Read More