पूजा के समय नित्य बोले जाने श्लोक Daily Mantra

श्री गणेश ध्यान मंत्र गजाननं भूतगणाधिसेवितं कपित्थजम्बूफलचारुभक्षणम्। उमासुतं शोकविनाशकारणं नमामि विघ्नेश्वरपादपङ्कजम्॥ एकदंताय विद्महे, वक्रतुण्डाय धीमहि, तन्नो दंती प्रचोदयात्।। महाकर्णाय विद्महे, वक्रतुण्डाय धीमहि, तन्नो दंती प्रचोदयात्।। गजाननाय विद्महे, वक्रतुण्डाय धीमहि, तन्नो दंती प्रचोदयात्।। ॐ सुमुखश्चैकदन्तश्च कपिलो गजकर्णकः. लम्बोदरश्च विकटो विघ्ननाशो विनायकः॥ धूम्रकेतुर्गणाध्यक्षो भालचन्द्रो गजाननः. द्वादशैतानि नामानि यः पठेच्छृणुयादपि॥ विद्यारम्भे विवाहे च प्रवेशे निर्गमे तथा.संग्रामे संकटे चैव विघ्नस्तस्य न…

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श्री हरि स्तोत्रम | Shri Hari Stotram Lyrics

श्री हरि स्तोत्रम भगवान विष्णु का एक शक्तिशाली मंत्र है। इस Shri hari stotram lyrics का पाठ स्वामी ब्रह्मानन्दं द्वारा किया गया  है। इसका पाठ करने से आप भगवान विष्णु के साथ माता लक्ष्मी का भी आशीर्वाद और कृपा प्राप्त करते हैं। आप स्वयं इस श्री हरि स्तोत्रम लिरिक्स के द्वारा पाठ करके श्री विष्णु जी आशीर्वाद प्राप्त करते है…

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श्री रुद्राष्टकम् (Shri Rudrashtakam)

॥ श्रीरुद्राष्टकम् ॥ नमामीशमीशान निर्वाणरूपं विभुं व्यापकं ब्रह्मवेदस्वरूपम् । निजं निर्गुणं निर्विकल्पं निरीहं चिदाकाशमाकाशवासं भजेऽहम् ॥ १॥ निराकारमोंकारमूलं तुरीयं गिरा ज्ञान गोतीतमीशं गिरीशम् । करालं महाकाल कालं कृपालं गुणागार संसारपारं नतोऽहम् ॥ २॥ तुषाराद्रि संकाश गौरं गभीरं मनोभूत कोटिप्रभा श्री शरीरम् । स्फुरन्मौलि कल्लोलिनी चारु गङ्गा लसद्भालबालेन्दु कण्ठे भुजङ्गा ॥ ३॥ चलत्कुण्डलं भ्रू सुनेत्रं विशालं प्रसन्नाननं…

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अपरा एकादशी 2025 Apara Ekadashi 2025

अपरा एकादशी (Apara Ekadashi) हिंदू धर्म में अत्यंत पुण्यदायक मानी जाती है। यह ज्येष्ठ मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी को मनाई जाती है। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा की जाती है और व्रत रखा जाता है। “अपरा” का अर्थ है – “जिसका कोई मुकाबला न हो”, अर्थात यह एकादशी अपार पुण्य देने वाली…

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शाखोच्चार के श्लोक

विवाह के समय बोले जाने वाले शाखोच्चार के श्लोक कस्तूरी तिलकं ललाट पटले वक्ष: स्थले कौस्तुभं। नासाग्रे वरमौक्तिकं करतले वेणु: करे कंकणं॥  सर्वांगे हरि चन्दनं सुललितं कंठे च मुक्तावली। गोपस्त्री परिवेष्टितो विजयते गोपाल चूडामणि:॥ रुक्मणी कृष्ण सौभाग्यम्-उमा सौभाग्य शंकरः । जानकीराम सौभाग्यं सौभाग्यं वर कन्ययोः ।। आयुष्मान् भव सौम्य, आयुष्मती भव सुभगे ।। योऽसौ विघ्न विनाशनो गजमुखों सर्वार्थ…

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श्री कालभैरवाष्टकम् Kalabhairava Ashtakam

कालभैरव अष्टकम: आध्यात्मिक महत्व भगवान शिव के अनेक रूप और अवतार हुए हैं (रूप जिसमें कोई देव/ देवी शरीर रूप में प्रकट होते हैं)। यद्यपि एक योगी के रूप में उनकी मूल छवि को श्रद्धापूर्वक सर्वत्र पूजा जाता है, तथापि उनके पशुपति नाथ और विश्वनाथ के रूप में अवतार भी बहुत प्रसिद्ध हैं। किंतु भगवान…

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Vat Savitri Vrat 2025 – वट सावित्री व्रत 26 मई को मनेगा या 27 मई को ? जानें सही डेट, पूजन का शुभ मुहूर्त और विधि

वट सावित्री व्रत हिंदू धर्म में एक प्रमुख और प्रसिद्ध व्रत है, जिसे विशेष रूप से विवाहित महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र और खुशहाली के लिए करती हैं। इस बार वट सावित्री व्रत 26 मई को मनाया जाएगा. वट सावित्री व्रत पर सुहागिनें अपने पति की लंबी उम्र की कामना करते हुए व्रत रखती…

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Shri Satyanarayana Ashtottarashata Namavali (108 names)

श्री सत्यनारायणाष्टोत्तर शतनामावली ॐ सत्यदेवाय नमः । ॐ सत्यात्मने नमः । ॐ सत्यभूताय नमः । ॐ सत्यपुरुषाय नमः । ॐ सत्यनाथाय नमः । ॐ सत्यसाक्षिणे नमः । ॐ सत्ययोगाय नमः । ॐ सत्यज्ञानाय नमः । ॐ सत्यज्ञानप्रियाय नमः । ९ ॐ सत्यनिधये नमः । ॐ सत्यसम्भवाय नमः । ॐ सत्यप्रभुवे नमः । ॐ सत्येश्वराय नमः…

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श्री सूर्य अष्टकम ( सूर्याष्टकम् ) अर्थ सहित

रविवार के दिन सूर्यदेव की पूजा का विधान है. पौराणिक मान्यताओं के अनुसार,सूर्यदेव प्रत्यक्ष रूप से दर्शन देने वाले देवता हैं. पौराणिक वेदों में सूर्य का उल्लेख विश्व की आत्मा और ईश्वर के नेत्र के तौर पर किया गया है. सूर्य की पूजा से जीवनशक्ति, मानसिक शांति, ऊर्जा और जीवन में सफलता की प्राप्ति होती…

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लिङ्गाष्टकम् Lingashtakam

लिंगाष्टकम् Lingastkam ब्रह्ममुरारि सुरार्चित लिंगं निर्मलभासित शोभित लिंगम् । जन्मज दुःख विनाशक लिंगं तत्प्रणमामि सदाशिव लिंगम् ॥ 1 ॥ देवमुनि प्रवरार्चित लिंगं कामदहन करुणाकर लिंगम् । रावण दर्प विनाशन लिंगं तत्प्रणमामि सदाशिव लिंगम् ॥ 2 ॥ सर्व सुगंध सुलेपित लिंगं बुद्धि विवर्धन कारण लिंगम् । सिद्ध सुरासुर वंदित लिंगं तत्प्रणमामि सदाशिव लिंगम् ॥ 3 ॥…

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